
प्राचीन धरोहर पदम कुंड को बचाने के लिए महापौर और कलेक्टर द्वारा नवीन तीन कुंडो का निर्माण विसर्जन के लिए किया गया।
महापौर कलेक्टर और निगम आयुक्त ने सभी धर्म प्रेमी जनता से नवीन विसर्जन स्थल पर प्रतिमाएं विसर्जित करने का अनुरोध किया है।
खंडवा।। वर्षों से कई धार्मिक संस्थाएं सामाजिक संस्थाओं द्वारा ऐतिहासिक प्राचीन पदम कुंड में प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगाने की मांग प्रभारी मंत्री, कलेक्टर, सांसद, विधायक, महापौर से की जा रही है। इच्छा सकती हो तो सभी कार्य सफल होते हैं उसी के अनुरूप जिला प्रशासन के कलेक्टर वृषभ गुप्ता एवं नगर निगम महापौर अमृता अमर यादव निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने गणमान्य नागरिको की मांग को स्वीकार करते हुए ऐतिहासिक धरोहर प्राचीन कुंड पर प्रतिमा विसर्जन रोकने के उद्देश्य
को लेकर शहर के तीन स्थानों पर नए कुंड बनाकर प्रतिमा विसर्जन स्थल बनाए हैं। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि वर्षों से प्राचीन पदम कुंड पर गणेश एवं दुर्गा माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है कहीं ना कहीं केमिकल युक्त प्रतिमाओं से पदम कुंड का अस्तित्व समाप्त हो रहा है जीव जंतुओं की हत्या हो रही है इस प्राचीन धरोहर को बचाने के उद्देश्य को लेकर नया प्रयास किया है। पदम कुंड के नजदीक झीलोद्धान के पास ही गेट के साइड में इंदौर रोड पर लगे एक कोने में प्रतिमा विसर्जन स्थल के लिए कुंड का निर्माण किया गया है जहां से तीनों तरफ से प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सकता है। महापौर अमृता यादव के मार्गदर्शन मे निगम में एम आई सी के सदस्य जल प्रभारी राजेश यादव की देखरेख में निगम प्रशासन द्वारा झीलोद्धान के बने नवीन कुंड में व्यवस्थित उसका निर्माण करवाया जा रहा है। साथ ही जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन द्वारा रामेश्वर कुंड एवं आनंद नगर क्षेत्र में भी कुंड का निर्माण किया गया है जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना है। ऐतिहासिक धरोहर पदम कुंड के अस्तित्व को बचाने का एक अच्छा निर्णय लिया गया है। महापौर अमृता अमर यादव, जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता, निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने सभी धर्म प्रेमी जनता से अनुरोध किया है कि प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर पदम कुंड को बचाने के लिए नवीन कुंडो का निर्माण किया गया है। पूर्व की तरह ही निगम प्रशासन द्वारा नए विसर्जन स्थल पर प्रतिभाओं को विसर्जन करने की व्यवस्था की जा रही है। सभी से अनुरोध है कि गणेश प्रतिमाओं को नवीन कुंड में विसर्जित करें साथ ही पर्यावरण की रक्षा के लिए गणेश महोत्सव पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को ही विराजमान करें।










